नर्म मिजा़जी

ये नर्म मिजा़जी ही है,
कि फूल कुछ नहीं कहते !..

वरना कभी दिखलाइये,
कांटों को मसलकर….!!

(मंजु)

Share this on...

4 Responses

  1. यदि फूलों की सुगंध लेना है तब आपको काटों से गुजरना पड़ता है इसलिए जीवन को सफल बनाने के लिए नम॓ मिजाजी बनाना आवश्यक है। नम॓ मिजाजी होने पर आप दुखों का सामना कर सकते हैं ।

    1. फूल मुलायम होते हैं इसलिये कोई भी उनको मसल लेता है,
      दुष्ट जीव काँटों जैसे होते हैं, उन्हें कोई हाथ भी नहीं लगाता ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives

November 30, 2017

November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30