परेशानियाँ
शिष्य…”गुरु जी! बहुत परेशानियाँ है, नींद भी नहीं आती है, क्या करुँ ?”
100 ऊँट ले जा, जब सब बैठ जाएँ तब सो जाना। वह इधर के ऊँटों को बिठाता तो उधर के खड़े हो जाते।
जीवन की परेशानियाँ भी ऐसी ही हैं। सब शांत कभी नहीं होंगी, कुछ अपने आप शांत होंगी, कुछ करने से, कुछ कभी नहीं। तुम्हें बीच-बीच में शांत होकर सो लेना होगा।
ब्र. (डॉ.) नीलेश भैया



