पापोदय/पुण्योदय

पुण्योदय : साधूजन को कोई भी अपशब्द नहीं कहता.
पापोदय + पुण्योदय : साधारणजन को कोई कोई अपशब्द कहता है,
पापोदय : भिखारी को हर कोई अपशब्द कहता है ।

चिंतन

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One Response

  1. पुण्योदय जीवन के कमोॅ के निमित्त से आता है लेकिन इस समय पापोदय में व्यतीत कर देते हैं जिसके कारण पुण्योदय क्षीण हो जाता है। पुण्योदय के समय भगवान् से प्राथॅना करना चाहिए ,पाप त्यागने का संकल्प लेना चाहिए तभी आपका कल्याण होगा। यह सब तभी होगा जब आप धमॅ से जुडने का प्रयास करें।

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