सब इंद्रियों की अपेक्षा अनिन्द्रिय मन सबसे वृद्ध और महत्वपूर्ण है। वह सब इंद्रियों को अपने अनुसार चलाना चाहता है, जैसे कुछ वृद्ध परिवार के हर व्यक्ति को अपने अनुसार चलाना चाहते हैं। इसमें मिथ्यादृष्टि कारणभूत है।
चिंतन
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मन वृद्भ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना एवं मन को मजबूत करना परम आवश्यक है।
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मन वृद्भ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन में इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना एवं मन को मजबूत करना परम आवश्यक है।