मन से कर्म-बंध

मन से कर्म-बंध सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि मन की यात्रा बहुत ज्यादा होती है
यानि मनोयोग सबसे ज्यादा हुआ तो कर्म-बंध भी सबसे ज्यादा होगा।

मुनि श्री अरुणसागर जी

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3 Responses

  1. मुनि श्री अरुणसागर महाराज जी ने मन से कर्म बंध का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है! अतः जीवन में मन को नियंत्रित करके अच्छे कर्म करने का प़यास करना चाहिए ताकि जीवन का कल्याण हो सकता है!

  2. हम काफी बार सिर्फ मन से या वाणी से अनर्थदंड कर्म बंध करते रहते हैं।

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