याचना –> शब्द ज्यादा, भाव कम।
प्रार्थना –> शब्द कम, भाव ज्यादा।
(धनजी भाई – भोपाल)
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याचना/प़ार्थना को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए प़ार्थना करना परम आवश्यकता है। जीवन में याचना के भाव रखना उचित नहीं होगा।
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याचना/प़ार्थना को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए प़ार्थना करना परम आवश्यकता है। जीवन में याचना के भाव रखना उचित नहीं होगा।