वर्ण लाभ/संकर
वर्ण लाभ… दोनों वर्णों को लाभ जैसे दूध और पानी।
वर्ण संकर… दूध में नीबू जैसे देहाकर्षण से शादी/ गुणवत्ता को गौण करके।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
वर्ण लाभ… दोनों वर्णों को लाभ जैसे दूध और पानी।
वर्ण संकर… दूध में नीबू जैसे देहाकर्षण से शादी/ गुणवत्ता को गौण करके।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
One Response
वर्ण लाभ/संकर को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए वर्ण लाभ होना परम आवश्यक है। जबकि संकर से बचना परम आवश्यक है।