वात्सल्य

चलो अपन जहाँ को बांट लेते हैं…
अकाश तुम रख लो, जमीं हम रख लेते हैं,
सूरज तुम रख लो, रोशनी हम रख लेते हैं।
चलो एक काम करते हैं…
सब कुछ तुम रख लो, तुम्हें हम रख लेते हैं।

(सलिल)

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5 Responses

  1. उपरोक्त जी उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है! वात्सल्य का मतलब एक दूसरे में बांटना चाहिए ताकि जीवन का कल्याण होगा!

    1. आपसी सम्बन्धों में जहाँ अधिक/ सब कुछ खींचने की होड़ लगी हुई है, वहाँ सब कुछ देकर सामने वाले को पूरा अपना बनाया जा सकता है।

  2. मत बांटो संसार को ,
    बटा हुआ संसार।
    जिसने जोड़ा जगत को,
    उसका जीवन सार।।

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