विश्वास

आचरण से विश्वास पैदा होता है। विश्वास से ही जीवन चलता है, पड़ोसी धर्म निभता है, छत के नीचे विश्वास से ही बैठ पाते हैं, शरीर पर विश्वास करके ही हम चल पाएंगे।
विश्वास का खात्मा यानी आत्मा का खात्मा।

मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 29 जुलाई)

इस आचरण और विश्वास के भरोसे ही व्यक्ति मोक्षमार्ग पर कठिन तपस्या करते हुए मोक्ष की प्राप्ति करता है जैसे आज भगवान महावीर ने प्राप्त की।

Share this on...

4 Responses

  1. विश्वास का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए विश्वास होना परम आवश्यक है। विश्वास के लिए आचरण पर ध्यान रखना परम आवश्यक है। अतः सर्व प़थम आत्मा पर विश्वास एवं श्रद्धान रखना परम आवश्यक है।

  2. Can meaning of the following 2 lines be explained please :
    1) ‘आचरण से विश्वास पैदा होता’ and
    2) ‘विश्वास से ही पड़ोसी धर्म निभता है’ ?

    1. आचरणहीन व्यक्ति पर कोई विश्वास करेगा?
      दो… क्या पड़ोसी आचरणहीन व्यक्ति को अपने घर में घुसने देगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

October 21, 2025

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31