शुभ मुहूर्त
साढे तीन शुभ मुहूर्त होते हैं, गुड़ी पड़वा, अक्षय तृतीया, दशहरा और आधी दिवाली।
दिवाली को आधा किसी अपेक्षा से कहा ?
योगेंद्र
सुबह महावीर भगवान का निर्वाण होता है और शाम को गणधर महाराज को केवलज्ञान। यह शुभ घड़ी सुबह से शाम तक रहती है, इसलिए आधा कहा।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 2 अक्टूबर)




One Response
शुभ मुहूर्त को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए शुभ मुहूर्त में ही अच्छे कार्य करना परम आवश्यक है।