शून्य
शून्य अंदर/बाहर से खाली होता है।
जिनका जीवन अंदर/बाहर से खाली होता है, उनके जीवन में पूर्ण विराम लग जाता है। शून्य पूर्णता का प्रतीक है। (जिस अंक के पीछे भी लगा दो तो उसकी कीमत बढ़ जाती है)
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
शून्य अंदर/बाहर से खाली होता है।
जिनका जीवन अंदर/बाहर से खाली होता है, उनके जीवन में पूर्ण विराम लग जाता है। शून्य पूर्णता का प्रतीक है। (जिस अंक के पीछे भी लगा दो तो उसकी कीमत बढ़ जाती है)
मुनि श्री प्रमाणसागर जी