संकट
पारसनाथ भगवान ने इतने संकट झेले कि आज हम लोगों के लिए संकटमोचक बन गए,
ऐसे ही तप के प्रतीक बाहुबली भगवान।
यही कारण है कि आज मंदिरों में पारसनाथ भगवान और बाहुबली भगवान की मूर्तियाँ सर्वाधिक देखी जाती हैं, जबकि भरत उनके बड़े भाई थे, वे भी मोक्षगामी थे, चक्रवर्ती थे पर उनकी मूर्तियाँ कम मिलती हैं।
निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी




One Response
संकट का उदाहरण एवं परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। भगवान् श्री पार्श्वनाथ जी ने संकट में समता का भाव रखना परम आवश्यक है।