भवन में कचरे की सफाई नहीं, तो जीवन का विकास नहीं।
कचरा साफ भी करते हैं तो देश-संयम की तरह कोने में जमा कर देते हैं। जो ज़रा सी बाह्य हवा पाकर पूरे भवन में फिर फैल जाता है।
समाधान ?
सकल-संयम।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 2 सितम्बर)
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सफाई का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सफाई के लिए सकल-संयम रखना परम आवश्यक है।
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सफाई का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सफाई के लिए सकल-संयम रखना परम आवश्यक है।
Bahut hi sundar chintan hai ! Pujya gurudev ke charnon me shat shat naman !