समता
अस्वस्थ होते हुए भी हम स्वस्थ हैं, ऐसी धारणा बनाने से समता आयेगी।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
अस्वस्थ होते हुए भी हम स्वस्थ हैं, ऐसी धारणा बनाने से समता आयेगी।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
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One Response
समता को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए हर परिस्थितियों में समता का भाव रखना परम आवश्यक है।