समय का सदुपयोग

एक सेठ के दो बेटे थे छोटा बेटा समय बर्बाद करता रहता था। बड़ा बेटा कर्म और धर्म में पुरुषार्थ करता था। एक बार छोटे बेटे ने पिता से ₹5000 मांगे, पिता ने तुरंत मना कर दिया। थोड़ी देर बाद बड़ा बेटा आया, उसने 5 लाख मांगे पिता ने तुरंत दे दिए।
कारण ?
समय बर्बाद करने वाले को कुछ भी नहीं मिलता।
हम अपने जीवन को देखें… क्या हम अपने आत्म-कल्याण के लिए समय का सदुपयोग कर रहे हैं या निरर्थक बातों में आपस में लड़भिड़ रहे हैं। हम में से ज्यादातर की उम्र अच्छी हो गई है, अगले जन्म की तैयारी करें या इस जन्म में पहले की तरह समय बर्बाद करते रहें ? यदि ऐसा ही करते रहे तो अगले जन्म में हमको ₹5000 भी नहीं मिलेंगे !

आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी(23 सितम्बर)

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One Response

  1. आर्यिका श्री पूर्णमती माता जी ने समय का सदुपयोग का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए हमेशा समय का सदुपयोग करना परम आवश्यक है।

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