आज का काम आज करो, कल का कल करना।
पर करो आकुलता रहित/पूरी तन्मयता से।
ये धर्म का सिद्धांत है।
चिंतन
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2 Responses
सिद्धांत को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु धर्म का सिद्धांत कहता है कि जो भी लक्ष्य प्राप्त करने हेतु आकुलता रहित एवं तन्मयतापूर्वक करना परम आवश्यक है।
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सिद्धांत को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु धर्म का सिद्धांत कहता है कि जो भी लक्ष्य प्राप्त करने हेतु आकुलता रहित एवं तन्मयतापूर्वक करना परम आवश्यक है।
Bahut hi accha chintan hai jo follow karne yogya hai !