सीमा

डॉक्टर का ऑपरेशन तो सफल हुआ, पर मरीज़ मर गया।
हम हर चीज सीमा में चाहते हैं, जैसे बाल, नाखून, कपड़े, पर संपत्ति की कोई सीमा नहीं निर्धारित करते।
कितना कमाना, किस कीमत पर कमाना !
संपत्ति के अर्जन, संरक्षण और संवर्धन, सब में अशांति/ आकुलता जुड़ी रहती है, सेहत खराब होती है, पारिवारिक जीवन समाप्त हो जाता है।
पर हम उस डॉक्टर की तरह इसे अपना सफल ऑपरेशन मानने लगते हैं; चाहे हम खुद समाप्त हो जाएं, या हमारा परिवार बिखर जाए!

आर्यिका पूर्णमति माता जी (3 अक्टूबर)

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5 Responses

  1. आर्यिका श्री पूर्णमती माता जी ने सीमा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए प़तेक क्षेत्र में सीमा को निर्धारित करना परम आवश्यक है।

    1. ऑपरेशन तो सही हुआ पर और कॉम्प्लिकेशंस डिवेलप हो गए तो ऑपरेशन तो सफल माना जाएगा ना! लेकिन जो पर्पस था आदमी को बचाना वह नहीं हो पाया। जैसे धन कमाना तुम्हारा इंटेंशन था धन तो मिल गया पर उससे तुम्हारा जीवन सफल नहीं हुआ।

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