सूतक में दर्शन करने तो जाते ही हैं यानी फर्श को छूते हैं, जो नवदेवता में से एक है। फिर फर्श पर रखी हुई चीजें (चटाई आदि) छूने में क्या दिक्कत है ! अतिवाद सही नहीं।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 17 अक्टूबर)
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