Month: November 2025
मतांतर
आचार्य श्री विद्यासागर जी के प्रवचनों में देखा जाता था कि पहले जो उनके प्रवचन होते थे, बाद में उससे हटकर हो गए थे, ऐसा
सुंदरता
प्रगति/ बढ़ते हुए को अच्छा माना जाता है, सुंदर कहा जाता है पर ढलता हुआ सूरज क्यों ज्यादा सुंदर लगता है ? योगेंद्र आध्यात्मिक/ परिपक्व
उपचार
कफ आदि विकृतियों के लिए जल उपचार… कफ के लिए जल को इतना उबालें कि एक चौथाई रह जाय, पित्त के लिए आधा, वात के
ध्यान / इच्छा
कहते हैं जिसका ध्यान करो वह मिल जाता है, अनुभव कहता है ज़रूरी नहीं। जैसे दो मित्र एक ही ऑफिस में थे, एक सोचते हुए
वेदों की तीव्रता
नपुंसकों के वेद की तीव्रता भट्टी की आग जैसी यानी बहुत तेज होती है। एक इंद्रिय से चार इंद्रियों वाले नपुंसक होते हैं, क्या उनकी
प्लास्टिक
प्लास्टिक, पर्यावरण के लिए तो सबसे नुकसान दायक चीज तो है ही; धर्म के अनुसार भी प्रयोग करने लायक नहीं है, हिंसक/ अपवित्र है। खाद्य
उपयोग / लब्धि
उपयोग में एक समय में एक ही ज्ञान होता है। अन्य ज्ञान कर्मों के क्षयोपशम से लब्धि रूप रहते हैं। केवलज्ञान हमेशा उपयोग रूप ही
अंतरंग
जब तक सर्प पिटारे के अंदर रहता है उसकी पूजा होती है, बाहर आने पर पिटायी। मनुष्य जब तक अपने में रहता है, लोगों का
शुभ मुहूर्त
साढे तीन शुभ मुहूर्त होते हैं, गुड़ी पड़वा, अक्षय तृतीया, दशहरा और आधी दिवाली। दिवाली को आधा किसी अपेक्षा से कहा ? योगेंद्र सुबह महावीर
मूल से जुड़ना
जब तक पुष्प मूल से जुड़ा रहता है तब तक ही उसकी सुंदरता और सुगंधि बनी रहती है। मुनि श्री विनम्रसागर जी
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