Month: November 2025

धातु / नियोग

मनुष्य और तिर्यंच पलक इसलिए झपकाते हैं ताकि उनकी आँखें सूख न जांए। झपकाते समय एक तरह का द्रव्य आँखों को गीला करता रहता है।

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पुण्य अर्जन

पुण्य अर्जन का सरल तरीका –> पुण्य के फल का त्याग। मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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अहंकार

क्या बाहुबली को मालूम नहीं था कि भरत को चक्रवर्ती बनना है और उसके लिए सब राजाओं को उनका आधिपत्य स्वीकार करना होगा ? योगेंद्र

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खुशनसीब

खुशनसीब वह नहीं जिसका नसीब अच्छा है बल्कि वह जो अपने नसीब को अच्छा मानता है। (महेन्द्र – नयाबाज़ार मंदिर)

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समय

एक-समय, निश्चय काल की अपेक्षा –> द्रव्य, व्यवहार काल की अपेक्षा –> पर्याय। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (जिज्ञासा समाधान)

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परिग्रह

संग्रह गृहस्थ के लिए आवश्यक है लेकिन उसे संग्रह के प्रति यदि मूर्छा आ जाती है तो वह परिग्रह का रूप धारण कर लेती है।

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कितना ?

रिक्त को भरने की मनाही नहीं, अतिरिक्त में दोष है। फिर चाहे वह भोजन हो या धन। आचार्य श्री विद्यासागर जी

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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज किस परिग्रह में आएंगे ? परिग्रह तो है इसीलिए अपरिग्रही इसे अपने पास नहीं रखते। पात्र भी तो डिवाइस है सारी डिवाइसेज पात्र

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सहजता

शरीर, सम्पत्ति तथा समय हमको सहजता से प्राप्त हुआ, सहजता प्राप्त करने के लिये। विडम्बना… हमने इसे ही असहजता प्राप्त करने के लिये उपयोग कर

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मंगल आशीष

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November 10, 2025