Day: December 25, 2025

उदीरणा

श्रमण तथा श्रावक दोनों ही उदीरणा करते हैं: श्रमण पापकर्म की तथा श्रावक पुण्यकर्म की। श्रमण जितनी ज्यादा सर्दी सहेंगे, उतनी ज़्यादा पापकर्मों की उदीरणा

Read More »

मोक्ष

सांकृत्यायन जी ने लिखा है…मोक्ष घुमक्कड़ों को ही होता है। क्योंकि उनका कोई व्यक्तिगत/ स्थायी ठिकाना नहीं होता, बहुत दिन ठहरे पानी में तो कीड़े

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

December 25, 2025