Day: December 12, 2025

द्वीप / समुद्र

द्वीप/ समुद्र असंख्यात हैं पर नाम संख्यात ही हैं। इसलिये द्वीप/ समुद्रों के नाम असंख्यात बार Repeat होते हैं। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (तत्त्वार्थ सूत्र

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व्यक्त्ति

साधना की पृष्ठभूमि…….विरक्त्ति, आराधना की पृष्ठभूमि…अनुरक्त्ति, शब्द अपने आप में…अभिव्यक्त्ति, मौन…………………… व्यक्त्ति है। गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी

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मंगल आशीष

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