Month: February 2026
अरहंत / सिद्ध
February 3, 2026
अरहंत –> ईश/ ऐश्वरवान/ मोक्षमार्ग के नेता। सामान्य केवली तथा सिद्धों के प्रतिहार्य नहीं होते। उन्हें ईश्वर भी नहीं कहते। निर्यापक मुनि श्री वीरसागर जी
धार्मिक क्रियायें
February 3, 2026
टी.वी. आदि के निमित्त से धर्म खूब हो रहा है, तो धर्म का ह्रास कैसे और क्यों कहा ? जितनी धार्मिक क्रियायें हो रही हैं,
चाहत
February 2, 2026
हम धनादि/ पुत्रादि से ज्यादा अपने को चाहते हैं। जैसे दर्पण को नहीं, उसमें अपने को देखते हैं, दर्पण को तो निमित्त बना लेते हैं।
पाठ्यक्रम
February 1, 2026
आचार्य श्री विद्यासागर जी ने तत्त्वार्थ सूत्र, समयसार आदि के बाद मूलाचार पढ़ाया। आ.श्री की चर्या ही मूलाचार थी (पहले प्रैक्टिकल दिखाए ताकि समझ में
श्रावक / श्रमण
February 1, 2026
श्रावक (गृहस्थ) का पैर घर में, मन बाहर। श्रमण (साधु) का पैर बाहर, मन घर (अंतरंग) में। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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