फल
सारी घटनायें हमेशा पूर्व कर्मों का फल ही नहीं होतीं, संयोगाधीन भी होती हैं ।
सारे बैंक ट्रांजैक्शन पूर्व जमापूंजी के अनुसार ही नहीं होते बल्कि नए अकाउंट भी खुलते हैं ।
हर पल के लिए मैं और मेरे पूर्व कर्म ही जिम्मेदार नहीं है । एक हाथ से भी ताली बजती है कभी-कभी ।
गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी




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उपरोक्त कथन सत्य है कि ज़िन्दगी में सभी घटनाएं पूर्व कर्मों का फल नहीं होती हैं। ज़िन्दगी में फल के लिए पुरुषार्थ करने एवं संयोगाधीन भी होते हैं। अतः अपने कर्मों या भाग्य भरोसे नहीं रहना चाहिए। यह सत्य है कि कभी एक हाथ से ताली बजती है लेकिन हमेशा नहीं बजती है। अतः जीवन में पुरुषार्थ करना आवश्यक है ताकि जीवन में फल मिल सकता है।