शरीर और आत्मा का प्रभाव
भगवान जब जन्म लेते हैं एक समय के लिए नारकियों को भी साता हो जाती है। लेकिन भगवान के केवली समुद्घात जो प्रत्येक दिन एवरेज तीन बार हमारे शरीरों को स्पर्श करते हैं तब उनका प्रभाव क्यों नहीं होता ?
योगेंद्र
भगवान का शरीर तथा हमारे शरीर पौद्गलिक हैं इसलिए एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। जबकि आत्मा ज्यादा शक्तिशाली होते हुए भी पौद्गलिक शरीर को प्रभावित नहीं करती।
मुनि श्री सौम्य सागर जी- 11 फ़रवरी (जिज्ञासा समाधान)




One Response
शरीर और आत्मा का प़भाव का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।