भगवान् महावीर को शेर पर्याय में जब सम्यग्दर्शन हुया तब वे हिमवन पर्वत पर थे।
पर्वत के किस भाग में, भोगभूमि या कर्मभूमि में ?
शिकार तो कर्मभूमि में ही होते हैं।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी (शंका समाधान – 31)
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भगवान् महावीर की शेर पर्याय को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। भगवान् महावीर स्वामी को इसी भव में केवल ज्ञान प़ाप्त हुआ था। अतः उनका शेर चिन्ह ही माना गया था।
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भगवान् महावीर की शेर पर्याय को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। भगवान् महावीर स्वामी को इसी भव में केवल ज्ञान प़ाप्त हुआ था। अतः उनका शेर चिन्ह ही माना गया था।