मैं बुद्ध होने उठा, आशा ही दुःख का कारण है, सोचकर सो गया।
मुझसे वक़्त (समय) पूछा किसी ने, बुरा चल रहा है।
मैंने चाहा जख्म भर जाये, जख्म ही जख्म हो गये।
बेटी → भगवान मेरे पिता को अच्छा दामाद मिल जाये, छोटी बहन को अच्छा पति मिल गया।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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इच्छा एवं परिणाम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए इच्छा के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है, लेकिन परिणाम अच्छा हो या बुरा लेकिन सहन करना परम आवश्यक है।
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इच्छा एवं परिणाम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए इच्छा के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यक है, लेकिन परिणाम अच्छा हो या बुरा लेकिन सहन करना परम आवश्यक है।