23 घंटे धर्म करें और यदि एक घंटा कुछ अधर्म हो जाए तो क्या दिक्कत ?
1 मिनट मांसाहार या किसी का मर्डर हो जाए तो क्या दिक्कत !
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 29 जुलाई)
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धर्म/अर्धम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः धर्म के साथ अर्धम करने पर पाप की श्रेणी में आता है। अतः प़ायक्षित लेना परम आवश्यक है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धर्म के साथ अर्धम करना पाप है अतः अर्धम से बचने का प़यास करना परम आवश्यक है।
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धर्म/अर्धम का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः धर्म के साथ अर्धम करने पर पाप की श्रेणी में आता है। अतः प़ायक्षित लेना परम आवश्यक है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धर्म के साथ अर्धम करना पाप है अतः अर्धम से बचने का प़यास करना परम आवश्यक है।