आज के ही दिन जब अपना देश रात को 12:00 बजे आज़ाद हो रहा था, उस समय महात्मा गांधी जी सो रहे थे। उनका 9:00 सोने का नित्य नियम था।
वे अनियमितता की गुलामी से आज़ाद हो रहे थे।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 15 अगस्त)
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द़ढ़ता का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अपने अपने नियमों का पालन करना परम आवश्यक है। द़ढ़ता ही जीवन को मजबूत बनाने में सफल होतें है।
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द़ढ़ता का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अपने अपने नियमों का पालन करना परम आवश्यक है। द़ढ़ता ही जीवन को मजबूत बनाने में सफल होतें है।