सहजता

शरीर, सम्पत्ति तथा समय हमको सहजता से प्राप्त हुआ, सहजता प्राप्त करने के लिये।
विडम्बना… हमने इसे ही असहजता प्राप्त करने के लिये उपयोग कर लिया है।

मुनि श्री मंगलानन्द सागर जी

Share this on...

One Response

  1. सहजता का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए सहजता से प़ाप्त होने के लिए मिला है, उसका उपयोग करना परम आवश्यक है। लेकिन उसको असहजता के लिए उपयोग करना वर्जित रहना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

November 6, 2025

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930