दिवाली खोटी
दिवाली के दिन घर का कोई बेटा चला जाय/ घर का चिराग़ बुझ जाए तो दिवाली खोटी मानने लगते हैं।
उससे पहले ढेरों दीपक जलाते थे। भूल जाते थे, इस दिन भगवान महावीर भी तो चले गए थे (निर्वाण हुआ था), वे भी तो किसी के बेटे थे !
मुनि श्री मंगलानंद सागर जी



