धर्म क्या है ?
वस्तु का स्वभाव ही धर्म है।
अपने जीवन से विभाव कम करते जाएँ। स्वभाव प्रकट होता जाएगा यानी आपके जीवन में धर्म आता/ बढ़ता जाएगा।
चिंतन
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धर्म का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु धर्म पर आस्था रखना एवं जीवन में विभाव कम करते रहना चाहिए यानी स्वभाव प़कट होना परम आवश्यकता है।
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धर्म का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु धर्म पर आस्था रखना एवं जीवन में विभाव कम करते रहना चाहिए यानी स्वभाव प़कट होना परम आवश्यकता है।