जादूगर
इस संसार का सबसे बड़ा जादूगर स्नेह(मोह) है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
(जादूगर जो होता नहीं उसे सच करके दिखाता है। मोह भी अहितकारी को हितकारी दिखाता है, हितकारी को अहितकारी)।
इस संसार का सबसे बड़ा जादूगर स्नेह(मोह) है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
(जादूगर जो होता नहीं उसे सच करके दिखाता है। मोह भी अहितकारी को हितकारी दिखाता है, हितकारी को अहितकारी)।
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4 Responses
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने जादूगर को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए स्नेह रखना परम आवश्यक है।
Is post ka meaning explain karenge, please ?
जादूगर जो होता नहीं उसे सच करके दिखाता है। मोह भी अहितकारी को हितकारी दिखाता है, हितकारी को अहितकारी।
Okay.