जोड़ना/छोड़ना
चक्रवर्ती यदि सम्पदा छोड़े (दीक्षा लेकर) नहीं तो नरक जाता है। देवताओं पर तो अपार सम्पदा, छोड़ते नहीं, वे क्यों नहीं नरक जाते?
जो जोड़ता है, उसे छोड़ना आवश्यक (क्योंकि जोड़ने में महान पाप अर्जन)। देवता जोड़ते नहीं, इसलिये छोड़ना आवश्यक नहीं।
हम भी जितनी तत्परता से जोडें, उतनी ही उदारता से छोड़ें।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी



