धर्मात्मा बनने के लिए सर्वप्रथम अपनी आत्मा को जानना परम आवश्यक है, इसके साथ सम्यगदर्शन, सम्यगज्ञान एवं सम्यगचारित्र ज्ञान रखना परम आवश्यक है। Reply
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धर्मात्मा बनने के लिए सर्वप्रथम अपनी आत्मा को जानना परम आवश्यक है, इसके साथ सम्यगदर्शन, सम्यगज्ञान एवं सम्यगचारित्र ज्ञान रखना परम आवश्यक है।