भाग्य / पुरुषार्थ…
एक प्रसिद्ध ज्योतिषी ने मेरी उम्र 62 वर्ष बतायी थी। फिर थोड़ा धर्म/ अनुशासित जीवन किया तो 72 वर्ष पर आ गया। तब धर्मादि और बढ़ाये, 80 वर्ष तक आ चुका हूँ, लगता है 82 वर्ष होने की सम्भावना है।
चिंतन
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भाग्य/पुरुषार्थ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए , अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यकता है।
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भाग्य/पुरुषार्थ को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए , अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए पुरुषार्थ करना परम आवश्यकता है।