भाग्य

बरसे बादल वहाँ वहाँ, थे सागर जहाँ जहाँ ।
हवाओं का क्या दोष ?
फ़रमान था, ऊपर वाले का ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

Share this on...

One Response

  1. उपरोक्त कथन सत्य है कि बरसे बादल वहां वहां, थे सागर जहां जहां। इसमें हवाओं का क्या दोष, फरमान ऊपर वाले का था। जीवन में कुछ भाग्य पर भरोसा करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

September 21, 2020

February 2025
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
2425262728