Day: February 2, 2025
चरित्र
February 2, 2025
“परिहार” के दो अर्थ होते हैं एक ग्रहण करना, दूसरा छोड़ना। ग्रहण कर्तव्य का, छोड़ना अकर्तव्य का; और इन दोनों के होने से बनता है
भूत-अनुकम्पा
February 2, 2025
भूत-अनुकम्पा…. भूत = आयु + शरीर वाले (जो शरीर को ही स्वयं मानते हैं)। अनुकम्पा = दूसरे की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानना। तब पीड़ा
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