लेश्या
कल्पवासी में जन्म लेने के लिए सम्यग्दर्शन हो या ना हो, किंतु शुभ लेश्या का नियम है। अंत समय में यदि अशुभ लेश्या हो गई तो निश्चित रूप से सम्यग्दर्शन छूट जाएगा और भवनत्रिक में ही जाना पड़ेगा। इसीलिए कर्म सिद्धांत के अनुसार लेश्या का भी गठबंधन बड़ा मार्मिक है।
(सूत्रोपदेश) आचार्य श्री विद्यासागर जी




7 Responses
‘सम्यग्दर्शन’ aur ‘शुभ लेश्या’ kya saath-saath chalte hain ? Ise clarify karenge, please ?
सम्यग्दृष्टि के शुभ लेश्या ही होगी पर हर शुभ लेश्या वाला सम्यग्दृष्टि हो यह नियम नहीं।
Jab सम्यग्दृष्टि के शुभ लेश्या ही होगी, to phir aisa kyun kaha ki कल्पवासी में जन्म लेने के लिए सम्यग्दर्शन zaroori nahi hai ? Ise clarify karenge, please ?
दोनों अलग-अलग स्टेटमेंट है एक कल्पवासी में जाने के लिए शुभ लेश्या जरूरी है।
दो, कल्पवासी बनने के लिए सम्यग्दर्शन जरूरी नहीं है क्योंकि ग्रैवेयक में अभव्य जीव भी जाते हैं जो मिथ्यादृष्टि ही होंगे नियम से।
To kya ‘अभव्य’ jeevon ki bhi shubh leshya reh sakti hai ? Ise explain karenge, please ?
जब अभव्य ग्रैवेयक तक जा सकते हैं तो शुभ लेश्या तो जरूरी है।
Okay.