मन को कैसे समझें/ नियंत्रण में लें ?
मन के विषय बाहरी (कषाय, इंद्रिय विषय) होते हैं, उनको समझें/ उनकी खुराक कम कर दें ।
इसीलिये मन को छठी इंद्रिय/ ईषत् इंद्रिय/ अनिन्द्रिय भी कहा है।
मुनि श्री प्रणम्यसागर जी शंका समाधान (22.9.23)
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मुनि श्री प़णम्यसागर महाराज जी ने मन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मन पर नियंत्रण रखना परम आवश्यक है।
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मुनि श्री प़णम्यसागर महाराज जी ने मन का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए मन पर नियंत्रण रखना परम आवश्यक है।