मूलनायक

मूल –> मुख्य, जो प्रतिमा वेदी के बीच/ ऊपर विराजमान हो।
मूलनायक का वर्णन शास्त्रों में नहीं मिलता।
अकृत्रिम चैत्यालयों में तो एक वेदी पर एक प्रतिमा ही रहती हैं।
कौन मूलनायक होंगे, यह समाज तय करले।
छोटी प्रतिमा के बाद बड़े आकार की प्रतिमा आने पर वे मूलनायक कहलायेंगे!!

निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी

Share this on...

4 Responses

  1. मूलनायक को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।

  2. ‘छोटी प्रतिमा के बाद बड़े आकार की प्रतिमा आने पर वे मूलनायक कहलायेंगे!!’ Is statement me kiski baat ho rahi hai ? Yeh clear karenge, please ?

    1. जिस वेदी पर पहले छोटी मूलायक प्रतिमा थी उहीं भगवान की बड़ी प्रतिमा आ गई तो छोटी अब नीचे रख दी जाएगी और बड़ी प्रतिमा सेंटर में रख दी जाएगी, वह हो जाएगी मूलायक।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives

July 10, 2026

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031