मूलनायक
मूल –> मुख्य, जो प्रतिमा वैदी के बीच/ ऊपर विराजमान हो।
मूलनायक का वर्णन शास्त्रों में नहीं मिलता।
अकृत्रिम चैत्यालयों में तो एक वेदी पर एक प्रतिमा ही रहती हैं।
कौन मूलनायक होंगे, यह समाज तय करले।
छोटी प्रतिमा के बाद बड़े आकार की प्रतिमा आने पर वे मूलनायक कहलायेंगे!!
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी




One Response
मूलनायक को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।