अच्छा करते समय, अच्छा Feel…अर्हम् यात्रा ;
अच्छा करके, कर्ता Feel …….अहम् यात्रा।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान – 12 अगस्त)
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2 Responses
यात्रा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अच्छा करते समय अच्छा महसूस करना सोभाग्य है। लेकिन अच्छा करने के बाद गर्व महसूस करना यानी अंहकार पैदा होता है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अंहकार से बचना परम आवश्यक है।
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यात्रा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अच्छा करते समय अच्छा महसूस करना सोभाग्य है। लेकिन अच्छा करने के बाद गर्व महसूस करना यानी अंहकार पैदा होता है। अतः जीवन के कल्याण के लिए अंहकार से बचना परम आवश्यक है।
Bahut hi sundar post hai ! Namostu Gurudev !