विचार / विकार
विचारों की यदि दिशा भटक जाए तो वह विकार बन जाते हैं।
एक बुढ़िया की कुटिया पड़ोसी ने हड़प ली। बुढ़िया ने निवेदन किया कि एक डलिया मिट्टी ले जाने दें ताकि उसकी खुशबू से परिवार सो सके। डलिया भारी थी पड़ोसी को निवेदन किया सिर पर रखवा दें। पड़ोसी उठा नहीं पाया।
बुढ़िया –> एक डलिया मिट्टी का बोझ नहीं उठा पा रहे हो, पूरी जमीन की मिट्टी का बोझ कैसे सहन कर पाओगे !
ब्र. डॉ. नीलेश भैया




One Response
विचार/विकार का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु सात्विक,सरल एवं सत्यता विचार होना परम आवश्यक है, ताकि विकार से बचा जा सकता है।