विसंयोजन / संक्रमण / उद्वेलना
विसंयोजना…विसंयोजना में अनंतानुबन्धी का बाकी तीन कषायों में परिवर्तन,यह सिर्फ अनंतानुबन्धी की ही।
संक्रमण…संक्रमण में द्रव्य वापस नहीं होता, यह 148 प्रकृतियों का।
उद्वेलना… मिथ्यात्व, सम्यक्-मिथ्यात्व, सम्यक्-प्रकृति का वापस मिथ्यात्व में परिवर्तन, 13 प्रकृतियों की ही।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी




One Response
विसंयोजन/संक़मण/उद्बेलना को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है।