चौथे काल में लोगों के अंदर श्रद्धा बहुत थी। शरीर को कम, द्रव्य को ज्यादा महत्व देते थे। पंचम काल में तो तुम खुद ही कल्पना करो टेढ़े मेढ़े होंगे तो कैसी श्रद्धा होगी हमारी ! Reply
‘शरीर को कम, द्रव्य को ज्यादा महत्व देते थे’; yahan par jeev dravya (aatma) ki baat ho rahi hai,na ? Ise clarify karenge,please ? Reply
7 Responses
संस्थान एवं दीक्षा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है।
Iska reason clarify karenge, please ?
चौथे काल में लोगों के अंदर श्रद्धा बहुत थी। शरीर को कम, द्रव्य को ज्यादा महत्व देते थे। पंचम काल में तो तुम खुद ही कल्पना करो टेढ़े मेढ़े होंगे तो कैसी श्रद्धा होगी हमारी !
Okay.
‘शरीर को कम, द्रव्य को ज्यादा महत्व देते थे’; yahan par jeev dravya (aatma) ki baat ho rahi hai,na ? Ise clarify karenge,please ?
चौथेकाल के लोग।
It is now clear to me.