स्वतंत्रता सेनानी

श्री मोती चंद्र शाह (श्री बाल गंगाधर तिलक के साथ में) स्वतंत्रता संग्रामी थे। किसी व्यक्ति ने एक अंग्रेज को गोली मार दी। श्री शाह ने प्रतिक्रिया करते हुए कहा… उस व्यक्ति ने गलत नहीं किया। इस पर अंग्रेजों ने नाराज़ होकर फांसी की सजा दे दी। फांसी से पहले आखिरी इच्छा पूछने पर आपने कहा… जिंतूर के वीतरागी भगवान के दर्शन करने हैं। दर्शन करके आपने भगवान के सामने बैठकर अन्न जल त्याग कर दिया और खुशीखुशी फांसी पर चढ़ गए।
ऐसे समर्पण को बार-बार नमन !

मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 12 अगस्त)

Share this on...

One Response

  1. स्वतंत्रता सेनानी का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए भगवान् के प्रति श्रद्धा एवं समपर्ण भाव रखना परम आवश्यक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This question is for testing whether you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. *Captcha loading...

Archives

Archives
Recent Comments

October 30, 2025

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930