ईर्ष्या होती है दूसरों को बढ़ते देखकर, उदास होते हो तो दूसरों की वजह से, उम्मीद करते हो तो वो भी दूसरों से, डर लगता है तो वो भी दूसरों से, क्रोध आता है तो दूसरों की वजह से।
सब कुछ तो दूसरों का है, हमारा अपना क्या है ?
(सुरेश-इन्दौर)
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अपना क्या का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु अपनी आत्मा का उद्धार करना परम आवश्यक है। आत्मा ही जीवन को पवित्र बना सकती है। अतः पर से बचने का प्रयास करना परम आवश्यक है।
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अपना क्या का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु अपनी आत्मा का उद्धार करना परम आवश्यक है। आत्मा ही जीवन को पवित्र बना सकती है। अतः पर से बचने का प्रयास करना परम आवश्यक है।