इच्छा
क्या भगवान भक्तों की ही इच्छा-पूर्ति करते हैं, या जो भी शरण में आता है, उसकी?
भगवान किसी की भी इच्छा-पूर्ति नहीं करते। जो भी विश्वास के साथ उनकी शरण में जाता है, उसकी इच्छाएँ ही समाप्त हो जाती हैं।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
क्या भगवान भक्तों की ही इच्छा-पूर्ति करते हैं, या जो भी शरण में आता है, उसकी?
भगवान किसी की भी इच्छा-पूर्ति नहीं करते। जो भी विश्वास के साथ उनकी शरण में जाता है, उसकी इच्छाएँ ही समाप्त हो जाती हैं।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
2 Responses
इच्छा का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण हेतु भगवान से अपनी इच्छाओं की पूर्ती के लिए भावना करना उचित नहीं है बल्कि भगवान् की शरण में जानें सै इच्छाएं समाप्त हो जाती है।
Wonderful post ! Namostu Gurudev !