एक गाँव में सब स्वस्थ। सम्मान करने अधिकारी आये। पर एक व्यक्ति मरियल सा दिखा।
ये कौन है ?
ये गाँव का डॉक्टर है।
आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते थे… “स्वोपकारी ही परोपकारी” हो सकता है।
ब्र. डॉ. नीलेश भैया
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उपकार को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए उपकार करना परम आवश्यक है। यह कथन भी सत्य है कि स्वउपकारी ही परोपकारी हो सकता हैं।
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उपकार को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए उपकार करना परम आवश्यक है। यह कथन भी सत्य है कि स्वउपकारी ही परोपकारी हो सकता हैं।