क्रिया और कार्य
हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है जैसे भक्ति से सुंदर शरीर मिलना।
क्यों मिलता है ?
भक्ति में गुणों की सुंदरता से आकर्षित होकर गुणानुवाद करते हैं। सुंदरता प्रथम और प्रमुख आकर्षण का निमित्त होता है।
इसी तरह प्रणाम करने से उच्चगोत्र,
दान देने से भोग,
पूजा से प्रसिद्धि,
स्तवन से कीर्ति मिलती है।
यह सारी क्रियायें भगवान और मुनिराजों की, ऐसा आचार्य समंतभद्र स्वामी ने कहा है।
मुनि श्री सौम्य सागर जी (स्वाध्याय – 29 मई)




One Response
क़िया और कार्य का उदाहरण दिया गया है वह पूर्ण सत्य है। अतः जीवन के कल्याण के लिए धर्म से जुडकर क़ियायें करने का प़यास करना परम आवश्यक है।